समिति ने परिपत्र में अपने पदाधिकारियों से बुधवार को सुबह 11 बजे अपने-अपने जिला अदालतों के बाहर एकत्र होने और लोगों को ‘पुलिस की ज्यादतियों’ के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया। परिपत्र में कहा गया, ‘‘इसके अलावा, समिति अधिवक्ताओं से पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने के लिए 29 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 12 बजे पटियाला हाउस अदालत परिसर में एकत्र होने का आह्वान करती है। यह मार्च दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से निकाला जाएगा और इसका उद्देश्य उपरोक्त मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाना है।’’ परिपत्र में कहा गया, ‘‘सभी अधिवक्ताओं और आम जनता से बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने और इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बार के सामूहिक संकल्प की प्रबल एवं गरिमापूर्ण अभिव्यक्ति बनाने का आग्रह किया जाता है।’’ पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी वकील एसडीएम कार्यालय के कमरा नंबर 17 में घुसा और एक मुवक्किल के एसएमसी आवेदन को रद्द किए जाने को लेकर मनोज कुमार सिंह से बहस करने लगा। पुलिस ने बताया कि विवाद तब शुरू हुआ, जब तहसीलदार ने कथित तौर पर दो भाइयों की उम्र के अंतर से संबंधित प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार कर दिया। मनोज कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कार्यालय में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने घटना का वीडियो भी बनाया। तहसीलदार ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वह डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं करा सके थे। उन्होंने 24 अक्टूबर को लिखित शिकायत दी जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
नई दिल्ली। वकीलों के निकाय ने मंगलवार को घोषणा की कि दिल्ली पुलिस की कथित मनमानी के खिलाफ उनकी हड़ताल मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चित काल तक जारी रहेंगी। ‘ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन’ की समन्वय समिति के एक परिपत्र में कहा गया है, ‘‘26 अक्टूबर के परिपत्र/प्रस्ताव के क्रम में, आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक बैठक हुई, जिसमें शाहदरा की घटना और वकीलों द्वारा उठाई गई मांगों पर चर्चा की गई।’’ वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने एक वकील, उनके पिता और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में एसडीएम कार्यालय के अंदर एक तहसीलदार के साथ मारपीट करने का आरोप है। यह प्राथमिकी 25 अक्टूबर को लक्ष्मी नगर थाने में पटपड़गंज के तहसीलदार मनोज कुमार सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि 23 अक्टूबर को कुछ वकीलों ने उनके साथ मारपीट की थी। दूसरी तरफ, वकीलों ने मांग की है कि सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ, शाहदरा पुलिस थाने के प्रभारी और उसी थाने के अन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए।

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