दिल्ली : दीपके ने दिल्ली में रामलीला आयोजकों को ‘मुफ्त प्रचार’ के लिए धन्यवाद दिया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

दिल्ली : दीपके ने दिल्ली में रामलीला आयोजकों को ‘मुफ्त प्रचार’ के लिए धन्यवाद दिया

dipke-thanks-for-cockroach-statue
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले के दहन को लेकर दिल्ली में एक रामलीला के आयोजकों को ‘मुफ्त प्रचार’ के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि कॉकरोच का पुतला गंदगी का प्रतीक है और इसका उद्देश्य 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियानों के तहत स्वच्छता को बढ़ावा देना है। दीपके ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मुफ्त प्रचार के लिए धन्यवाद।’’ कॉजपा के विधि प्रकोष्ठ की प्रमुख रत्ना सिंह ने इसे ‘तमाशा’ बताया। एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि कॉजपा ने "कुछ तो सही किया है"। उन्होंने कहा, ‘‘दशहरे पर कॉकरोच का पुतला जलाना बस यह दिखाता है कि सत्ताधारी पार्टी कितनी घबराई हुई है... यह जानकर अच्छा लगा कि हम इतना असर डाल रहे हैं कि आप हमें अपना प्रतिद्वंद्वी मानने लगे हैं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘स्पष्ट है कि हम कुछ तो सही कर रहे हैं। अपने आईटी सेल को भी थोड़ा आराम करने दें। इतनी (बेकार की) मेहनत करने के बाद आप लोग थक गए होंगे।’’ पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस स्थित डीडीए ग्राउंड में आज शाम रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और बेटे मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट के कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया गया। ‘‘


श्री केशव रामलीला समिति’’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं मॉडल टाउन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अशोक गोयल देवराहा ने कहा है कि यह विशाल कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छ माहौल का प्रतीक है। इसका उद्देश्य एलर्जी और अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि समिति हर साल पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ एक अतिरिक्त पुतला भी जलाती है, जो किसी सामाजिक समस्या को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी समिति ने कोविड-19, नक्सलवाद और विदेशी सामान जैसे मुद्दों को दर्शाने वाले प्रतीकात्मक पुतले जलाए हैं। कॉकरोच के पुतले ने लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में कॉजपा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी में कॉजपा के विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। कॉजपा ने शुरुआत में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया था और बाद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल हुई थी। कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम को त्योहार के पारंपरिक महत्व के साथ मिलाया जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: