दिल्ली : ईडी ने क्रिप्टो के जरिए विदेश में धन भेजने के मामले में बेंगलुरु और मध्यप्रदेश में छापे मारे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

दिल्ली : ईडी ने क्रिप्टो के जरिए विदेश में धन भेजने के मामले में बेंगलुरु और मध्यप्रदेश में छापे मारे

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सीमा पार धन भेज कर 4,900 करोड़ रुपये से अधिक के कथित विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के मामले में कर्नाटक और मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर छापे मारे। संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के तहत यह कार्रवाई 26 अक्टूबर को की गई और इस दौरान बेंगलुरु में तीन तथा मध्यप्रदेश में एक परिसर की तलाशी ली गई। बयान के अनुसार, तलाशी के दौरान सीमा पार अनधिकृत वित्तीय लेनदेन और धन भेजने के लिए क्रिप्टो टोकन के व्यापक दुरुपयोग का पता चला। इसमें कुछ ऐसे देशों में धन भेजना भी शामिल है, जहां कर संबंधी नियम अपेक्षाकृत उदार हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि जिस पहली इकाई पर छापेमारी की गई वह ‘मुद्रेक्स’ मंच का संचालन करती थी। वह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अनुमति के बिना क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से तत्काल सीमा पार धन भेजने की सुविधा देने का विज्ञापन कर रही थी। बयान में कहा गया, “जांच के शुरुआती नतीजों से पता चला है कि अनधिकृत रूप से विदेश में धन भेजने और विदेशी मंच पर 4,600 करोड़ रुपये से अधिक का क्रिप्टो बैलेंस रखने के मामले में फेमा के नियमों का उल्लंघन किया गया है।” दूसरी इकाई की पहचान ‘इन्स्टाडैप’ के रूप में हुई है। एजेंसी के अनुसार, यह मंच कर्मचारियों और शाखाओं के बजाय सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होने वाले एक ऑनलाइन बैंक की तरह काम करता है। ईडी ने पाया कि इस मंच के उपयोगकर्ता ब्याज अर्जित करने के लिए अपने क्रिप्टो टोकन उधार दे सकते हैं या अपनी मौजूदा क्रिप्टोकरेंसी के बदले ऋण ले सकते हैं। इसके अलावा, वे ‘स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट’ यानी स्वचालित कंप्यूटर कार्यक्रमों के माध्यम से एक टोकन को दूसरे टोकन में बदल भी सकते हैं। एजेंसी ने कहा कि शुरुआती जांच में दूसरी इकाई के खिलाफ चार करोड़ अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम के उल्लंघन का पता चला है।

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