मोदी ने नौ साल में दूसरी बार फरवरी में इजराइल की यात्रा की थी। जुलाई 2017 में तेल अवीव की अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाया था। इस महीने की शुरुआत में, इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट मच्छार को इजराइल आने का निमंत्रण दिया। हर्जोग ने उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने की पेशकश की है। भारतीय पायलट मच्छार पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने चाकू से हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस विमान में 27 बच्चों सहित 174 यात्री सवार थे। बुरी तरह घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को हस्तक्षेप करने और हमलावर को काबू में करने का मौका मिला। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। यात्री उसी दिन बाद में सुरक्षित इजराइल पहुंच गए। मच्छार की बहादुरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने उन्हें ‘नायक’ बताया है। मच्छार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और उन्हें इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साथ मिलकर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। इजराइल के प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि मोदी ने दोनों देशों के बीच ‘मजबूत और वर्षों पुराने संबंधों’ की सराहना की। नेतन्याहू ने कहा, ‘‘मैंने अपने मित्र और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की और उन्हें इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर एक बहादुर भारतीय पायलट के साथ मिलकर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया।’’ नेतन्याहू ने हिंदी और हिब्रू, दोनों भाषाओं में लिखे पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी ने निमंत्रण के लिए मुझे धन्यवाद दिया और कहा कि जमीन पर और हवा में, भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं।’’

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें