दिल्ली : ‘आप’ ने पाठ्यपुस्तकों की छपाई में अनियमितताओं का आरोप लगाया, भाजपा ने खारिज किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

दिल्ली : ‘आप’ ने पाठ्यपुस्तकों की छपाई में अनियमितताओं का आरोप लगाया, भाजपा ने खारिज किया

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकों की छपाई में 40 फीसदी कमीशन लिया गया। पार्टी ने दावा किया कि इन किताबों की छपाई घटिया कागज पर की गई। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘आप’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये पाठ्यपुस्तकें पिछले दो वर्षों से बांटी जा रही हैं। ‘आप’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए प्रकाशित पाठ्यपुस्तकें संविदा में बताई गई शर्तों के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने शिक्षा मंत्री आशीष सूद से यह स्पष्ट करने की मांग की कि इन “अनियमितताओं” के लिए कौन जिम्मेदार है। भारद्वाज ने दावा किया कि पाठ्यपुस्तकों से जुड़ी निविदा में 80 जीएसएम वाले ए-4 आकार के कागज का जिक्र था, लेकिन सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई किताबें 60 जीएसएम वाले कागज पर छापी गई थीं। उन्होंने कक्षा आठ की ‍एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक ‘मल्हार’ की सरकार की ओर छपवाई गई प्रति की तुलना निजी किताब की दुकान से खरीदी गई प्रति से की। भारद्वाज ने दावा किया कि सरकारी प्रति में कागज पतला एवं मटमैला था तथा छपाई भी छोटी थी, जिससे छात्रों को इसे पढ़ने में कठिनाई होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कागज की गुणवत्ता और किताब के आकार में अंतर खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। 


भारद्वाज ने दावा किया कि दोनों किताबों (सरकारी और निजी दुकान की प्रति) की लागत में कम से कम 40 प्रतिशत का अंतर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तकों का यह मामला स्वास्थ्य विभाग, छात्रों को बांटी गई साइकिल, धान की खरीद और दिल्ली जल बोर्ड की निविदा से जुड़े भ्रष्टाचार के अन्य मामलों के बाद सामने आया है। ‘आप’ नेता ने पाठ्यपुस्तकों की छपाई की प्रक्रिया में मिले “कमीशन” को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सूद से सवाल किया। भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने ‘आप’ पर “राजनीति से प्रेरित” आरोप लगाने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली ‘आप’ सरकार छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने में विफल रही थी।  कपूर ने दावा किया कि केजरीवाल के 11 साल के कार्यकाल के दौरान पूरे शैक्षणिक सत्र बीत गए, लेकिन छात्रों तक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंच पाईं। उन्होंने कहा कि यह मामला कई बार अदालत तक पहुंचा और किताबों की कमी को लेकर शिक्षा विभाग की आलोचना भी हुई। कपूर ने कहा कि इसके विपरीत भाजपा सरकार ने पिछले दो वर्षों में पाठ्यपुस्तकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की है। उन्होंने भारद्वाज पर वही 40 प्रतिशत कमीशन वाला आरोप दोहराने का आरोप लगाया, जो ‘आप’ नेता ने पहले छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने के मामले में लगाया था। कपूर ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ‘आप’ दिल्ली सरकार को निशाना बना रही है।

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