वहीं, दिल्ली पुलिस के अनुसार, लगभग 50,000 लोगों के जुटने की संभावना है और सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। कांग्रेस विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी कर रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों, छात्रों और नागरिक समाज संगठनों से रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आंदोलन बताया है। पुलिस ने बताया कि रैली पर नजर रखने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, बॉडी कैमरे पहने कर्मियों और निगरानी उपकरणों से लैस वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ प्रबंधन के लिए मैदान को 14 जोन में बांटा गया है और रिजर्व बलों की 10 कंपनियां तैनात की जाएंगी। भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा कि कुछ प्रतिभागी सफेद कपड़े पहनकर भूतों का रूप धारण करेंगे। उसने कहा कि ये लोग उन मतदाताओं के प्रतीक होंगे, जिन्हें कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया है या जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। संगठन के अनुसार, कुछ प्रतिभागी ‘‘बैटमैन’’ के मुखौटे भी पहनेंगे।बकांग्रेस नेता मनीष चतरथ को संबोधित 17 अक्टूबर के एक आधिकारिक पत्र के मुताबिक, पार्टी को 25 अक्टूबर से तीन नवंबर तक रामलीला मैदान के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।
हालांकि, यह अनुमति भूमि स्वामित्व रखने वाले प्राधिकरण की मंजूरी और निर्धारित शर्तों के पालन पर निर्भर है। पुलिस ने आयोजकों से प्रमुख स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और फुटेज की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने को कहा है। आयोजकों को पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने, पेयजल और महिलाओं के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था करने तथा यातायात पुलिस के साथ वाहन पार्किंग का समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आयोजकों से आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों को लाने वाली बस का विवरण भी मांगा गया है। कार्यक्रम स्थल पर रात में ठहरने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को अनुशासन बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाषणों से बचने की भी चेतावनी दी गई है। एक नवंबर की रैली से पहले ‘इंडिया’ ने 30 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ जैसी कार्यवाही आयोजित करने की योजना बनाई है। अन्य स्थानों पर अनुमति संबंधी अड़चनों के बाद विपक्षी नेताओं ने यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित करने का फैसला किया। कांग्रेस और ‘इंडिया’ के अन्य दलों ने निर्वाचन आयोग पर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ अपने अभियान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुख मुद्दा बनाया है।

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