जेनी ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि हरक सिंह रावत उसके बेटे के पिता हैं। उन्होंने नये सिरे से डीएनए जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय मंत्री रहे रावत ने उनके साथ दुष्कर्म किया था और उनका बेटा रावत की संतान है। रावत फिलहाल उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने जेनी के आरोपों को ''बेहद गंभीर'' बताते हुए सोनिया गांधी पर निशाना साधा। त्रिवेदी ने सवाल किया कि पीड़िता के प्रति सहानुभूति का कोई संकेत क्यों नहीं दिख रहा है और बाबरी मस्जिद के ''विवादित ढांचे'' के विध्वंस पर आंसू बहाने वाली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता की ओर से कोई बयान क्यों नहीं आया है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देने वाली प्रियंका गांधी ने भी कांग्रेस नेता के खिलाफ महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर चुप्पी साध रखी है। त्रिवेदी ने कहा, ''सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की यह खामोशी बेहद पीड़ादायक और व्यथित करने वाली है।'' वहीं, जेनी के आरोपों को खारिज करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मंत्री रावत ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उन्हें पहले ही क्लीन चिट दे चुका है और अदालत ने भी मामले को बंद कर दिया था।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत से जुड़े एक मामले में एक महिला द्वारा नये सिरे से सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा की चुप्पी को लेकर शनिवार को सवाल उठाए। अविवाहित मां जेनी दो दशक से अधिक समय पहले उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचाने वाले चर्चित 'जेनी मामले' की मुख्य पात्र हैं। उन्होंने दावा किया है कि पिछली सीबीआई जांच के दौरान उन्हें न्याय नहीं मिला था। उन्होंने रावत के खिलाफ सीबीआई मामले को फिर से खोलने की अपनी मांग दोहराई है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें