मधुबनी : आयुर्विद्या कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ, आयुष चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

मधुबनी : आयुर्विद्या कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ, आयुष चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

Ayurvidhya-madhubani
मधुबनी (रजनीश के झा), 20 फरवरी। राज्य आयुष समिति के आदेशानुसार जिला आयुष समिति, मधुबनी द्वारा आज लिटिल रोज पब्लिक स्कूल परिसर में पहले आयुर्विद्या कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेमलता ने विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार महतो एवं निदेशक कृष्णा कुमार को औषधीय पौधा भेंट कर किया। उद्घाटन संबोधन में डॉ. प्रेमलता ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों से अब समाज के सभी वर्गों के लिए आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां—चिकित्सा परामर्श, औषधि उपलब्धता, योगाभ्यास एवं आहार परामर्श—सुलभ और आसान हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 13 स्थानों पर आयुष जागरूकता एवं प्रसार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय जड़ी-बूटियों, मौसमी फल-सब्जियों, प्राकृतिक चिकित्सा, स्वच्छता तथा जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव अपनाकर स्वास्थ्य संवर्धन और दीर्घायु संभव है। आयुर्विद्या कार्यक्रम इसी लक्ष्य को समर्पित है।


कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बथने के होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, देंता के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कुमार, तथा बटलोहिया के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओंकारनाथ झा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा परामर्श और औषधि परामर्श प्रदान किया। इसके अतिरिक्त नेचुरोपैथी योग होम्योपैथी हॉस्पिटल के डॉ. मो. रमीज, ईना देवी, मनीषा देवी एवं राखी कुमारी ने भी कार्यक्रम में सक्रिय योगदान दिया। वहीं मिथिला प्राकृतिक चिकित्सा योग शोध संस्थान के सचिव डॉ. उमेश कुमार उषाकर ने योग के सरल अभ्यासों का जागरूकता प्रशिक्षण देकर सहभागियों को दैनिक जीवन में योग अपनाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान तुलसी, घृतकुमारी (एलोवेरा), सदाबहार, अरहुल, गेंदा एवं नीम जैसे औषधीय पौधों के औषधीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए पौधारोपण किया गया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन लिपिक श्री हेमंत झा द्वारा किया गया।

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