नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को अमेरिका में एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के 18 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा को लेकर सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे समय भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़े निवेश कर रही हैं, जब भारत में निजी निवेश लगातार संघर्ष कर रहा है और अर्थव्यवस्था ‘‘बदहाल स्थिति’’ में है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले रिलायंस की ओर से पेट्रोलियम तेल शोधन उद्योग में कथित तौर पर 300 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की थी। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोदानी समूह पहले ही अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जता चुका है।’’ रमेश ने कहा, ‘‘दूसरी ओर, भारत में निजी निवेश लगातार संघर्ष कर रहा है। घोषणाएं होती रहती हैं, नकदी जमा होती रहती है, लेकिन राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) की अगस्त 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में निजी निवेश की हिस्सेदारी घटकर केवल 10.3 प्रतिशत रह गई है।’’ उन्होंने कहा कि ऐसा कर दरों में कटौती, कॉरपोरेट मुनाफे के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे विभिन्न आह्वानों के बावजूद हो रहा है। रमेश ने कहा कि एनआईपीएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, जिन परियोजनाओं का काम रुक गया या जिन्हें छोड़ दिया गया, उनमें से हर तीन में से दो परियोजनाओं के लिए ‘‘प्रतिकूल बाजार परिस्थितियों’’ को कारण बताया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय अर्थव्यवस्था की बदहाल स्थिति है।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के लिए 18 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसके तहत पूरी तरह एकीकृत अमेरिकी इस्पात कंपनी तैयार की जाएगी। इसमें आयोवा में इस्पात संयंत्र भी शामिल है जिसे ट्रंप ने ‘‘अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र’’ बताया है।
बुधवार, 30 सितंबर 2026
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दिल्ली : देश की अर्थव्यवस्था बदहाल, अमेरिका में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं भारतीय कंपनियां : रमेश
दिल्ली : देश की अर्थव्यवस्था बदहाल, अमेरिका में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं भारतीय कंपनियां : रमेश
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