उच्च न्यायालय ने 16 सितंबर 2022 को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व नेता राशिद की याचिका पर एनबीडीएसए, एनडीबीए, समाचार चैनल और पत्रकार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया था। राशिद ने एनबीडीएसए के 31 मार्च, 2022 के आदेश में बदलाव में संशोधन का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। यह आदेश राशिद की उस शिकायत पर दिया गया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनसे अलग रह रहे पिता के बयानों के आधार पर ही उन्हें ‘‘बदनाम किया गया और उनकी छवि खराब की गई’’, जबकि उनके पक्ष को न तो सुना गया और न ही प्रसारित किया गया। अपने आदेश में, एनबीडीएसए ने समाचार चैनल को राशिद के बारे में एक शो के लिंक हटाने का निर्देश दिया और कहा कि उस प्रसारण से उनके प्रति पूर्वाग्रह पैदा हुआ था। याचिकाकर्ता ने कहा कि प्राधिकरण ने प्रसारक को माफीनामा प्रसारित करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया, यह ऐसी राहत है जो एनबीडीएसए ने इसी तरह के दूसरे मामलों में दी है। याचिका में दलील दी गई , ‘‘बिना किसी ठोस वजह के किया गया ऐसा इनकार पूरी तरह मनमाना और कानूनी तौर पर टिकने लायक नहीं है। प्रतिवादियों द्वारा सार्वजनिक कर्तव्य के उल्लंघन को ठीक करने के लिए यह रिट जारी की जानी चाहिए।’’
नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली : उच्च न्यायालय कार्यकर्ता शेहला राशिद की याचिका पर नवंबर में करेगा अंतिम सुनवाईकहा कि वह नवंबर में कार्यकर्ता शेहला राशिद की उस याचिका पर फैसला करेगा, जिसमें उन्होंने एकतरफा और मानहानि करने वाला प्रसारण की वजह से उनकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक समाचार चैनल और एक टीवी पत्रकार से माफी की मांग की है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने राशिद की याचिका को 26 नवंबर को अंतिम निस्तारण के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने समाचार प्रसारक और डिजिटल मानक प्राधिकरण (एनबीडीएसए), समाचार प्रसारक और डिजिटल संघ (एनबीडीए), जी न्यूज और उसके पूर्व प्रस्तोता सुधीर चौधरी से कहा कि वे अगली तारीख से पहले इस मामले में अपनी लिखित दलीलें जमा करें।

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