वाराणसी : गंगा के आसमान में एयर शो, जमीन से गगन तक 11,900 जवानों का पहरा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

वाराणसी : गंगा के आसमान में एयर शो, जमीन से गगन तक 11,900 जवानों का पहरा

32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब सेक्टर में बंटी काशी की सुरक्षा व्यवस्था • 31 घाटों और शहर के 48 स्थानों पर बनेंगे अस्थायी थाने • तीन लाख दर्शकों के बैठने का इंतजाम, अस्पतालों तक ग्रीन कॉरिडोर
 

Varanasi-air-show-security
वाराणसी (सुरेश गांधी)। गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना के शौर्य का प्रदर्शन होगा तो जमीन पर सुरक्षा का अभेद्य घेरा रहेगा। एयर शो में उमड़ने वाली भीड़ को संभालने और हर आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया है। पूरे आयोजन की सुरक्षा में 11,900 पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को 32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब सेक्टर में बांटा गया है। 20 अक्तूबर को हुई प्रेस ब्रीफिंग में पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के लिए 16 एसपी, 16 अपर पुलिस अधीक्षक, 50 सीओ, 160 इंस्पेक्टर, 1600 दरोगा और पांच हजार सिपाही तैनात रहेंगे। इनके अलावा पीएसी की 17 कंपनी, बाढ़ राहत पीएसी की तीन कंपनी, आरएएफ की पांच कंपनी, एनडीआरएफ की तीन टीम, एसडीआरएफ की दो टीम और एटीएस की तीन टीम भी मुस्तैद रहेंगी। गंगा में सुरक्षा की जिम्मेदारी 180 जल पुलिसकर्मियों के पास होगी, जबकि यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 1500 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।


31 घाटों पर अस्थायी थाने, शहर में भी 48 केंद्र

एयर शो के दौरान गंगा के दोनों किनारों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 31 घाटों पर अस्थायी थाने बनाए जाएंगे। वाराणसी की ओर आदिकेशव, राजघाट, पंचगंगा, दशाश्वमेध, अस्सी, रविदास और सामने घाट समेत 21 घाटों को चिह्नित किया गया है। वहीं रामनगर और चंदौली की ओर बहादुरपुर, डोमरी, कटेसर, कोटेपुर और बलुआ समेत 10 घाटों पर भी पुलिस तैनात रहेगी। शहर के भीतर भी 48 स्थानों पर अस्थायी थाने बनाए जाएंगे। इनमें पड़ाव, चौकाघाट, गोलगड्डा, लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया, अस्सी, दुर्गाकुंड, रथयात्रा, कमच्छा, महमूरगंज, लहरतारा, मंडुवाडीह, रामनगर चौक, लंका मैदान और डाफी टोल रिंग रोड समेत प्रमुख स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों के जरिए भीड़ की निगरानी, यातायात नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित की जाएगी।


तीन लाख दर्शकों के लिए 100 घेरे

एयर शो देखने आने वाले लोगों के लिए ब्लॉक बी में तथागत घाट, रामघाट और जयविनायक घाट के क्षेत्र में तीन लाख वर्ग मीटर में व्यवस्था की गई है। यहां करीब तीन लाख दर्शकों के बैठने का इंतजाम होगा। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए 100 घेरे बनाए गए हैं। दर्शकों को घाटों तक पहुंचाने के लिए दो प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पहला मार्ग आशापुर ओवरब्रिज से सेंट जॉन्स स्कूल, तिलमापुर, रसूलपुर, खालिसपुर चौराहा और सरायमोहना होते हुए घाट तक पहुंचेगा। दूसरा मार्ग बलुआ रोड से कोटवा चौराहा, कमौली-तातेपुर और कोटवा खाकी कुटी होकर जाएगा। वाहनों की पार्किंग तिलमापुर चौराहा, आशापुर हवेलिया रोड और पहड़िया मंडी में होगी।


भीड़ बढ़ी तो होल्डिंग एरिया में रोके जाएंगे दर्शक

भीड़ का दबाव बढ़ने पर लोगों को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग जोन में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। रामनगर में दुर्गा मंदिर और लंका मैदान, काशी जोन में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और बीएचयू परिसर तथा वरुणा जोन में यूपी कॉलेज को इसके लिए चिह्नित किया गया है। जरूरत के अनुसार यहां लोगों को रोककर आगे भेजने की व्यवस्था रहेगी।


अस्पतालों तक ग्रीन कॉरिडोर

आपात स्थिति में घायलों और मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए नमो घाट और राजघाट से अस्पतालों तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया है। नमो घाट से गोलगड्डा, चौकाघाट और लहुराबीर होते हुए कबीरचौरा अस्पताल तक रास्ता निर्धारित किया गया है। चौकाघाट से पुलिस लाइन और दीनदयाल अस्पताल होते हुए इन्फिनिटी अस्पताल तक भी ग्रीन कॉरिडोर रहेगा। वहीं चौकाघाट से कैंट, लहरतारा, भिखारीपुर और नरिया होते हुए बीएचयू तक पहुंचने का मार्ग तय किया गया है। एयर शो के दौरान पुलिस की चुनौती केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं होगी। गंगा के घाटों पर उमड़ने वाली भीड़, शहर की यातायात व्यवस्था और आपात सेवाओं के निर्बाध संचालन के बीच समन्वय भी अहम होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने घाटों से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा और निगरानी का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है।

कोई टिप्पणी नहीं: