कॉजपा ने कहा, “एसआईआर के जरिए इस सिद्धांत को कमजोर करके ज्ञानेश कुमार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाने के लिए जरूरी विश्वास खो दिया है। इसलिए निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता बहाल करने के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है।” संविधान सभा की ओर से सभी वयस्कों को मतदान का अधिकार देने की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि डॉ. बी. आर. आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और संविधान बनाने वाले अन्य व्यक्तियों ने जनता पर भरोसा जताया था, जबकि उस समय लाखों भारतीयों ने कभी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। कॉजपा ने कहा, “विचार स्पष्ट था: ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लोकतंत्र से जोड़ना, न कि उन्हें इससे बाहर रखना।” पार्टी ने कहा कि हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है और उसे मतदान करने में किसी तरह की बाधा पैदा नहीं करनी चाहिए। बयान में कहा गया है, “हमारे संविधान ने हर वयस्क नागरिक को वोट देने का अधिकार दिया है। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र नागरिक इस अधिकार से वंचित न रहे।” कॉजपा ने कहा कि वह देश में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए संघर्ष कर रहे सभी संगठनों का समर्थन करेगी।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नवंबर को आयोजित होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को बुधवार को समर्थन दिया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। कॉजपा ने आरोप लगाया कि आयोग इस सिद्धांत को कमजोर कर रहा है कि जनता अपनी सरकार चुने, न कि सरकार अपने मतदाताओं को चुने।

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