हालांकि, अधिकारियों ने कथित तोड़फोड़ के संबंध में की जा रही कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। जोशी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जो कुछ हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। वहां 2006 से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। पिछली बार जब चुनाव हुए थे, तब हिंसा की एक गंभीर घटना घटी थी, जिसके बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव कराने की मांग उठाई गई थी, लेकिन कुछ लोग विश्वविद्यालय विरोधी गतिविधियों में भी शामिल पाए गए। शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, हालांकि यह आरोप भी लगा कि कुछ निर्दोष लोगों को भी निशाना बनाया गया है।’’ मंत्री ने कहा कि छात्रों की समग्र मांगों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिष्ठाता और प्रोफेसर की सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जोशी ने कहा, ‘‘समिति छात्रों की ओर से उठाई गई शिकायतों की जांच करेगी। हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं पर गौर किया जाएगा। हालांकि, सरकार मास्क पहनकर आने वाले लोगों की गुंडागर्दी या उपद्रवी व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी। पुलिस में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और मैं दिल्ली पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने की अपील करता हूं।’’ दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों का रुख है कि प्रशासन को 2006 से लंबित इन चुनावों के लिए एक निश्चित तिथि की घोषणा करनी चाहिए और छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने के लिए समयसीमा तय करनी चाहिए।
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि सरकार किसी भी तरह की ‘‘गुंडागर्दी या उपद्रव’’ को बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्र संघ की बहाली को लेकर विश्वविद्यालय में छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराने के विश्वविद्यालय के फैसले के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय ने बुधवार को टूटी खिड़कियों की तस्वीरें साझा कीं और आरोप लगाया कि छात्रों ने परिसर के कुछ हिस्सों में जबरन प्रवेश कर सीसीटीवी कैमरों और विश्वविद्यालय की अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें