- ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान जारी रखने का संकल्प लिया
खरगे ने संवाददाताओं से कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध जारी रहेगा तथा सभी विपक्षी दल इसका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा विरोध ‘वोट चोरी’ और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा आयोग में किए गए कृत्यों के खिलाफ है। हम इसे जारी रखेंगे और सभी दल हमारा समर्थन कर रहे हैं।’’ खरगे ने कहा कि विपक्ष शुक्रवार को ‘मॉक पार्लियामेंट’ (प्रतीकात्मक संसद) आयोजित करेगा और एक नवंबर को रैली की जाएगी, जिसमें देशभर से लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम लड़ेंगे क्योंकि लोकतंत्र में जब तक आप संघर्ष नहीं करते, तब तक लोग जागरूक नहीं होंगे। इसीलिए हम यह सब कर रहे हैं।’’ कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि एसआईआर और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की पीड़ा और लोकतंत्र पर हमले के मुद्दे को चर्चा के जरिये सामने लाया जाना चाहिए तथा लोगों को यह भरोसा दिलाया जाना चाहिए कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हम सभी एकजुट हैं।’’ गोगोई का कहना था कि शुक्रवार को होने वाले ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम से विपक्षी दलों की एकजुटता का संदेश जाएगा। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने कहा कि कांग्रेस अब भी मतपत्र से चुनाव कराने की मांग करती है और किसी चुनाव में भाजपा की जीत का यह मतलब नहीं है कि इस मांग को छोड़ दिया जाए।। खरगे ने कहा, ‘‘एक समय भाजपा ने लोकसभा की केवल दो सीट जीती थीं। कभी-कभी ऐसा होता है। इसका यह मतलब नहीं है कि किसी पार्टी की कोई पकड़ नहीं है।’’ उनका कहना था कि भाजपा को इस बात का ‘‘अहंकार’’ नहीं होना चाहिए कि उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। खरगे ने कहा, ‘‘अगर ऐसा है तो वे संसद भंग कर दें और मतपत्र से चुनाव कराएं।’’

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